बोल्ट को कैरियर की आखिरी 100 मीटर दौड़ से हुई निराशा


गोल्ड मेडल जीतने में महारत रखने वाले दुनिया के सबसे तेज एथलीट जमैका के उसेन बोल्ट को अपने 100 मीटर करियर की आखिरी रेस में ब्रोन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। लंदन में चल रही वल्र्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 9.95 सेकेंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। 2004 के एथेंस ओलंपिक के गोल्ड मेडल विजेता अमेरिका के जस्टिन गेटलिन ने 9.92 सेकेंड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि अमेरिका के ही क्रिस्टियन कोलमैन 9.94 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें सिल्वर मेडल मिला। बोल्ट ने सेमीफाइनल में 9.98 सेकेंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। लेकिन फाइनल में इससे बेहतर समय देने के बावजूद वह तीसरे स्थान पर ही रहे।
बोल्ट ने 2008 में बीजिंग ओलंपिक में 9.69 सेकेंड के 100 मीटर का वल्र्ड रिकार्ड बनाया था जोकि उनका पहला ओलंपिक गोल्ड मेडल था। अगले साल बर्लिन वल्र्ड चैंपियनशिप में अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए 9.58 सेकेंड के साथ 100 मीटर का खिताब जीता। उनका यह वल्र्ड रिकाॅर्ड अभी कायम है। बोल्ट ने बीजिंग ओलंपिक में 200 मीटर की रेस 19.30 सेकेंड में पूरी कर दूसरा गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, अगले साल बर्लिन वल्र्ड चैंपियनशिप में फिर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए 19.19 सेकेंड में रेस पूरी कर गोल्ड जीता।
रियो ओलंपिक में बोल्ट तीन लगातार ओलंपिक में ‘ट्रिपल ट्रिपल’ का कारनामा करने वाले 120 साल के इतिहास में पहले एथलीट बने थे। हालांकि, 2008 बीजिंग ओलंपिक में चार गुणा सौ मीटर रिले का गोल्ड जीतने वाली जमैका टीम के एक मेंबर नेस्टा कार्टर के डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह गोल्ड मेडल छीन लिया गया था। इससे बोल्ट के खाते में नौ की जगह आठ गोल्ड मेडल ही रह गए हैं। उन्होंने 2008, 2012 और 2016 ओलंपिक में 100 मीटर और 200 मीटर और चार गुणा सौ मीटर रिले में गोल्ड मेडल जीते थे।

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