भविष्य में कभी नहीं होगा पेपर लीक, बनाई जा रही है ऐसी तकनीक

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CBSE Paper Leak 2018

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि सीबीएसई का पेपर लीक होना गंभीर मुद्दा है। केंद्र सरकार एक ऐसी तकनीक पर कार्य कर रही है, जिससे भविष्य में कभी कोई प्रश्न पत्र लीक नहीं हो सकेगा। डॉ. सत्यपाल मंगलवार को हरियाणा के राई स्थित राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में टेक्नोपार्क का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। जल्द ही मामले के मुख्य आरोपित भी गिरफ्त में होंगे। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में संलिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

विशेष

बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं गणित व 12वीं अर्थशास्त्र के प्रश्न पत्र लीक मामले में दिल्‍ली पुलिस ने दो शिक्षकों और एक कोचिंग सेंटर मालिक को गिरफ्तार किया है  और कोर्ट ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस का दावा है कि शिक्षकों ने 9.15 बजे कागज के फोटो पर क्लिक किया और इसे कोचिंग सेंटर के मालिक को भेज दिया। बाद में यह छात्रों को पास कर दिया गया। पेपर को हस्तलिखित रूप में लीक किया गया था, जिसके लिए जांच चालू है।

सीबीएसई द्वारा जारी हुए सकुर्लर के मुताबि‍क 12वीं के अर्थशास्त्र व‍िषय का पुनः परीक्षा 25 अप्रैल को होगा। 12वीं अर्थशास्त्र का पुनः परीक्षा का पहले से तय परीक्षा केंद्र पर ही होगा। इतना ही नहीं इसमें पहले वाला ही एडम‍िट कार्ड मान्‍य होगा।

सवालों के घेरे में परीक्षा व्यवस्था

सीबीएसई ने दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं पांच मार्च से शुरू हुई थी। इसके तहत 12वीं के छात्रों ने सात मार्च को फिजिक्स तो 13 मार्च को केमेस्ट्री की परीक्षा दी थी। तब से ही सीबीएसई की परीक्षा व्यवस्था सवालों के कटघरे में है। 13 मार्च को रेवाड़ी में केमेस्ट्री का प्रश्न पत्र लीक होने का मामला सामने आया था। इस मामले की शिकायत जब सीबीएसई से की गई तो सीबीएसई ने इस पर चुप्पी साध ली, लेकिन 12वीं के छात्रों ने 26 मार्च को अर्थशास्त्र व 10वीं के छात्रों के लिए गणित की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से सीबीएसई बैकफुट पर हैं।

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