सजा काट रहे मुजरिम ने पैरोल पर आकर दिया वारदात को अंजाम

 दिल्ली के थाना नन्द नगरी पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है झूठे मुकदद्मा दर्ज़ कराने के लिए एक रोहित नाम के शख्स ने अपने तीन साथियो के साथ मिलकर खुद को पैर और हाथ में गोली लगवा 15 दिन पहले पैरोल पर आये एक सजा काट रहे  मुजरिम सोनी ने अपने तीन और साथियों के साथ मिलकर दिया इस साजिश की वारदात को अंजाम……….
1 दिल्ली में बदमाश कितने शातिर है आप इस बात का अंदाजा इस बात से लगा सकते है की दो दिन पहले रात करीब 1 बजे मोहित नाम का शख्स दो गोलियां लगे हुए जी टी बी अस्पताल में भर्ती कराया गया…… जिसकी सुचना थाना नन्द नगरी पुलिस को दी गयी अस्पताल पहुंची पुलिस ने जब इस मामले की गहनता से जाँच की तो कहानी कुछ और निकली दरअसल जिस शख्स को दो गोलिया लगी थी उसका नाम रोहित  था और रोहित ने ही योगेश के कहने पर अपने तीन और साथियो के साथ मिलकर तीन अन्य लोगों पर झूठा मुकददमा दर्ज़ कराने के लिए अपने पैर और हाथ में गोली लगवा ली और इस गोली कांड का नाम विनोद और उसके दो साथियो पर लगा दिया……   जब पुलिस से जाँच शुरू की तो पता चला की योगेश नाम के शख्स के इशारे पर यह गोलीकांड को अंजाम दिया पुलिस ने इस मामले में सोनी,गुलज़ार,और विशाल को गिरफ्तार कर लिया है और इनके पास से पुलिस ने वारदात में स्तेमाल एक पिस्टल और दो जिन्दा कारतूस बरामद किये है जबकि अभी इस मामले का का मास्टर माइंड योगेश पुलिस की गिरफ्त से बहार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है
इस पुरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह थी जिस सोनी नाम के शख्स ने रोहित को गोलियां मारी है  वो किडनेपिंग के मुक़द्द्मे में जेल में सात साल की सजा काट रहा है और 15 दिल पहले ही  पैरोल पर जेल से बहार आया है पैरोल पर आने के बाबजूद भी इस बदमाश ने इस साजिश को अंजाम दे दिया और अपने ही एक साथी को साजिस के तहत  दो गोलिया मार दी……
उत्तर पूर्वी दिल्ली अतुल कुमार  ठाकुर  बताया है की योगेश का विनोद पहलवान के साथ 2 करोड़ रुपये के लेनदेन को लेकर कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ था उसी के चलते योगेश ने विनोद पर झूठा मुकदद्मा दर्ज़ कराने के लिए यह साजिश रची थी फ़िलहाल पुलिस ने इस मामले में तीन लोगो को गिरफ्तार कर लिया है और योगेश की तलाश कर रही है जबकि अस्पताल में भर्ती रोहित का पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है  इलाज के बाद रोहित को भी पुलिस गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज देगी  इससे साफ होता है कि लोग दूसरों को जेल पहोचाने और अपने कर्ज से निजात पाने के लिए  अपनी जान तक कि बाजी लगाने का सडयंत्र रच लेते है
मोहित शर्मा

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