एन.सी.ई.आर.टी की पुस्तकों में हों यथा शीघ्र वांछित सुधार :

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा एन.सी.ई.आर.टी की पाठ्यपुस्तकों में आवश्यक सुधार के लिए भेजे गए सुझावों पर चर्चा के लिए पत्रकारों वा विद्वानों के साथ संवाद हेतु कांस्टीट्यूशन क्लब में कार्यक्रम आयोजित किया गया. शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (एन.सी.ई.आर.टी) द्वारा प्रकाशित पुस्तकों में सुधार हेतु देशभर से सुझाव मांगे गए थे. इस बहुप्रतीक्षित निर्णय का स्वागत करते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी जी द्वारा एन.सी.ई.आर.टी को कक्षा 6 से कक्षा 12 की पुस्तकों में व्याप्त त्रुटियों पर प्रतिवेदन सौंपा गया. अतुल कोठारी ने बताया कि यह प्रतिवेदन न्यास द्वारा कई विद्वानों व विशेषज्ञों से चर्चा के बाद बनाया गया है. इस प्रतिवेदन में न्यास ने एन.सी.ई.आर.टी की हिंदी, इतिहास एवं राजनीतिक विज्ञान की पुस्तकों में व्याप्त त्रुटियों एवं विसंगतियों पर ध्यान केन्द्रित किया है. इसी सन्दर्भ में न्यास द्वारा दिए गए प्रतिवेदन का उल्लेख करते हुए कुछ समाचार पत्रों, जिनमें इंडियन एक्सप्रेस विशेष रूप से शामिल है, ने गलत जानकारी छापकर विषय से ध्यान भटकाने का प्रयास किया है. इन समाचार पत्रों में यह छापा गया कि न्यास ने गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की रचना को अंगरेजी भाषा की कक्षा 10वीं से हटाने की मांग की है, जो कि वस्तुतः झूठी एवं मनगढ़ंत सूचना है. वास्तविकता यह है कि न्यास द्वारा एन.सी.ई.आर.टी को दिए गए अपने सुझाव पत्र में कहीं भी इस प्रकार का कोई उल्लेख नहीं किया गया है. ऐसी भ्रामक सूचना के प्रसार हेतु शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा इंडियन एक्सप्रेस समाचार पत्र को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा.

 

 

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