दिल्ली में सफाई के लिए खोले गये मैनहॉल में गिरी गाय

देश की राजधानी दिल्ली में खुले मेन हॉल में गिरी एक गाय को घायल अवस्था मे स्थानीय लोगो ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला और गौसेवा के बड़े बड़े दावे करने के वाली एक गोसेवा संस्था को उसकी सूचना दी जिसके बाद करीब 2 घण्टे से ज्यादा का इंतज़ार करने के बाद भी संस्था की एम्बुलेन्स नही आयी। जिसके चलते मोके पर ही तड़प तड़प कर गाय ने अपना दम तोड़ दिया। जिससे लोगो मे गुस्सा और रोष है।
इस गाय को मैनहॉल से निकलते ये लोग कोई गोसेवक नही बल्कि शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन के पास के स्थानीय निवासी और रेलवे के कर्मचारी हैं। जिन्होंने बताया कि यहां मैनहॉल की सफाई के लिए इसे खुला गया था जिसमे मंगलवार को अचानक एक गाय इसमे गिर गयी जोकि कुत्तो से अपने आपके को बचाती भाग रही थी, जिसे काफी समय की कड़ी मसशक्त के बाद आखिरकार स्थानीय लोगो ने बाहर निकाल लिया और मौके से किसी ने दिल्ली के पंजाबी बाग़ स्थिति कामधेनु मंगल परिवार नाम की गोसेवा संस्था को फोन पर घटना की सूचना दी और बताया कि गाय काफी घायल है। और चोट की वजह से बहुत परेशान है कृपया आप यहां अपनी एम्बुलेन्स भेजे, जिसके बाद पहले तो गोसेवा के कर्मचारी ने कहा कि जब आप वहां होंगे तभी हम एम्बुलेन्स भेजेंगे जिसके बाद करीब 2 घण्टे से भी ज्यादा का इंतज़ार करने के बाद एम्बुलेन्स नही आई और इतने में गाय ने मौके पर ही तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया।
जहां एक तरफ गोरक्षा,गौमांस और गौरक्षकों को लेकर आये दिन देश के अलग अलग हिस्सों से लगातार खबरे आ रही हैं, और गौवंश को लेकर न्यूज़ चैनल्स पर भी बड़ी बड़ी डिबेट तक होती है। बावजूद इसके ज़मीनी हकीकत कुछ और ही हैं । जहां गोरक्षक गोवंश की रक्षा के नाम पर कभी किसी के साथ मारपीट करते हैं तो कभी किसी की जान तक ले लेते हैं । लेकिन वहीं जब किसी हादसे में घायल गोवंश के इलाज या उसकी जान बचाने की बात आती है तो कामधेनु मंगल परिवार जैसे ये गोसेवा दल नाम मात्र की भी सेवा भी करते नज़र नही आते जबकि इन्ही गोवंशों की सेवा के नाम पर सरकार और लोगो से मोटी रकम लूटते हैं । और गौशालाओ के नाम पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करते हैं। इतना ही नही इन्हें गायों के दूध को बेचकर ऐसी कुछ संस्थाएं केवल अपनी जेब भर रही हैं। यदि इस घटना में भी गाय को समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती और गोसंस्था कि भी वाह वाही होती । वहीं जब हमने गोसेवा के संचालकों से इस मामले पर बात करने की कोशिश तो वे अपने ऑफिस ने नदारद मिले और फोन पर भी अपनी गलती मानने से साफ इंकार कर दिया ।
एक तरफ जहां इस घटना के बाद से स्थानीय लोगो में गुस्सा ओर रोष है वहीं दूसरी तरफ लोग प्रशासन पर भी नाराज़ हैं कि आखिर कैसे सरकार ऐसी गैर जिम्मेदार संस्थाओं को मान्यता दे देती है । गौतलब है कि अभी 2 दिन पहले ही दिल्ली के मयूर विहार में ऐसे ही एक खुले खड्डे में पार्क में घूमने गए एक कारोबारी की गिरने से मौत हो गयी थी। जिसमे भी प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी । लेकिन इस घटना में आज ही मेन हॉल को सफाई के लिए खोला गया था और उसकी सफाई का काम चल रहा था । और उसी दौरान ये हादसा हो गया ।
बरहाल इस घटना से गोसेवा करने के बड़े बड़े खोखले दावे करने वाली ऐसी नामचीन संस्थाओं की असलियत तो सामने आ ही गयी। हांलकि सभी संस्थाएं ऐसी कतई नही हैं लेकिन कुछ एक कि वजह से सब्बि पर उँगली उठ ही जाती है अब देखना होगा कि क्या प्रशासन ऐसी संस्थाओं पर कोई कायवाही करेगा या हर बार की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल देगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *