नई फसल आने के बावजूद सब्जियों के दाम आसमान को छू रहे हैं।

राजधानी दिल्ली में सब्जियों की नई फसल आने के बावजूद  के दाम आसमान को छू रहे हैं। कई हरी सब्जियों समेत प्याज और टमाटर की कीमतों में इस हफ्ते काफी उछाल आया है। पहले दीवालीे के बाद मौसम में मामूली ठंडक होने के साथ ही नई फसल मार्केट में आ जाती थी और उसके साथ ही सब्जियों के दाम भी गिरने शुरू हो जाते थे लेकिन इस बार ठंड में नई फसल की आवक के बावजूद सब्जियों के दाम गिरने के बजाय चढ़ने लगे हैं। सब्जियों की कीमत में आई महंगाई ने हर घर के बजट को बिगाड़ दिया है। खासतौर पर महिलाओं को परेशानी हो रही है क्योंकि उनके लिए प्याज और टमाटर के बिना खाने का जायका भी खराब हो रहा है।

 

राजधानी के फुटकर बाजार में प्याज और टमाटर के दाम 60 से 80 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। बीते साल नवंबर में ये दोनों सब्जियां 20 रुपए किलो के आसपास की कीमत में बिक रही थीं। पालक और सरसों के दाम 30 से 40 रुपए किलो से कम नहीं हैं। बथुआ 80 रुपए किलो के करीब बिक रहा है। टमाटर के इम्पोर्ट की सरकारी घोषणाएं तो की गई लेकिन इसे अभी तक अमल में नहीं लाया गया है। वहीं दूसरी सब्जियों के दाम घटने के भी आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं।सब्जियों के दाम में हुई बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह दक्षिण भारत में कई स्थानों पर हुई बरसात को बताया जा रहा है। इस साल जहां पर बारिश कम हुई हैवहां पर कच्ची फसल को ही उखाड़ना पड़ गया और उसे बाजार में कम कीमत पर बेचना पड़ा। वहीं जिन जगहों पर बारिश ज्यादा हुईवहां की फसल खराब हो गई। ऐसा लग रहा है कि सब्जियों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर किसी का कंट्रोल ही नहीं रह गया। केंद्र या दिल्ली सरकार ने इस मामले में अभी तक कोई पहल नहीं की है और जनता महंगी चीजें खरीदने के लिए मजबूर है।

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