फौजी बनना कोई मजाक नहीं है

फौजी बनना कोई मजाक नहीं है ।
गाँव का कोई लड़का जब सेना का जवान बनने का सपना देखता है, तो उसकी सुबह रोज़ 4 बजे होती है ।
उठते ही वह गांव की पगडंडियों पर दौड़
लगाता है, उम्र यही कोई 16-17 साल
की होती है ।
चेहरे पर मासूमियत होती है, और कंधे पर होती है घर की ज़िम्मेदारी ।
मध्यम वर्ग का वह लड़का, जो सेना में जाने की तैयारी में दिन-रात एक कर देता है, उसके इस एक सपने से घर में बैठी जवान बहन, बूढ़ी मां और समय के साथ कमज़ोर होते पिता की ढ़ेरों
उम्मीदें ही नहीं जुड़ी होती हैं, बल्कि
जुड़ा होता है एक सच्चे हिन्दुस्तानी
होने का फ़र्ज़ ।
फ़ौजी बनना कोई मज़ाक नहीं है ।
फौज़ी इस देश की शान है, मान है, और
हमारा अभिमान है । देश सेवा के लिए
फौजी हमेशा तत्पर रहते हैं ।
इन्हें न प्रांत से मतलब है और न ही धर्म से, इन्हें तो मतलब है, बस अपने देश से ।
ऐसे इल्जाम मत लगाओ इन पर, ये सर कटा सकते हैं मगर माँ भारती के दामन पर कोई दाग नहीं लगने देंगे ।
नमन है सभी सैनिकों को ।।

कैसे विकास हो उस देश का ..?
?
जहां डेढ लाख सैलरी हर महीना पाने वाले सांसदो की सैलरी Income Tax Free ……..
?
और
?
24 घंटे मौत की छांव मे रहने वाले सिपाही को बीस हजार सैलरी पर भी Income Tax देना पडता है …!

? सांसदो को परिवार के साथ रहते हुए भी हर साल पचास हजार Phone Call Free ….
?
घर सें हजारों km दूर बैठे सैनिक को एक Call भी Free नहीं ..?

? एक सांसद को फर्नीचर के लिए 75000 हजार रु
?
बार्डर पर सैनिक को ड्यूटी के दौरान बारिस से बचने के लिए टूटी हुई छप्पर …

? सांसद को हर साल 34 हवाई टिकट मुफ्त ..!
?
सैनिक ड्यूटी जाते हुए भी अपने पैसे से टिकट लेता है ….!

? सांसद को वाहन के लिए 400000/- का intetest Free लोन

? एक सैनिक को घर के लिए लोन भी 12.55% दर से मिलता है ….

???और ये सब वहां हो रहा है जहां पूरा देश इस सैनिक की वजह सें अपने परिवार के साथ चैन सें सोता है ..!

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